हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के कारण न बताने को गैरकानूनी मानते हुए एक व्यक्ति की हिरासत रद्द कर रिहाई का आदेश दिया। सरकार पर 10 लाख रुपये हर्जाना लगाया गया और दोषी अधिकारियों से वसूली की छूट दी गई।