चारधाम यात्रा शुरू होने के 39 दिनों के अंदर 105 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। 2025 में यात्रा के शुरुआती 28 दिनों में यह आंकड़ा 56 मौतों का था और पूरी यात्रा के दौरान 83 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। इस साल 14 मई को यह आंकड़ा 40 का था, यानी बीते 14 दिन में 65 लोगों की मौत हो गई। गर्मी बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। इनमें से 104 यात्रियों की मौत स्वास्थ्य खराब होने के कारण हुई, जबकि एक श्रद्धालु की जान प्राकृतिक आपदा में गई। सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ में हुई हैं। केदारनाथ धाम में 50, जबकि बद्रीनाथ में 30, यमुनोत्री में 15 और गंगोत्री-गौमुख क्षेत्र में 10 मौत