सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश की लड़ाई तीन दशकों पुरानी है. हाल में नौ जजों की संवैधानिक पीठ ने इस मामले पर 16 दिनों तक सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रख लिया. फैसला आने से पहले इसके असर पर चर्चा जारी है, इसी की परतें खोल रही है यह रिपोर्ट.