राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कहा कि RSS अपना नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखवाना नहीं चाहती, बल्कि पिछले 100 सालों के अपने काम का पूरा श्रेय समाज को देना चाहती है। उन्होंने कहा कि RSS का पूरा काम स्वयंसेवकों की मेहनत पर आधारित है, किसी की कृपा से नहीं। किसी की कृपा न होने के बावजूद संगठन के काम में कोई बाधा नहीं आई। भागवत नागपुर में ‘राष्ट्र स्वराधना’ नाम की किताब के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। यह किताब RSS के घोष पथक (बैंड दल) के इतिहास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा के अनुसार राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी पूरी ताक
भास्कर अपडेट्स:भागवत बोले- RSS इतिहास की किताबों में अपना नाम नहीं चाहती, इसका काम स्वयंसेवकों की मेहनत पर आधारित, किसी की कृपा से नहीं
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कहा कि RSS अपना नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखवाना नहीं चाहती, बल्कि पिछले 100 सालों के अ…
