लखनऊ जिला न्यायालय परिसर में 21 जुलाई को हुई हिंसा के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए चार अधिवक्ताओं के 24 अगस्त तक जिले में किसी भी अदालत परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है।