कभी दो नंबर से सपना टूट गया था, आंखों में आंसू थे। दिल में दर्द भी कम नहीं था, मगर हौसला जिंदा था। अंदर एक जिद भी थी। इस हौसले व जिद के सहारे नेहा पांचाल ने यूपीपीएससी में पहली रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।