प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में अपनी सफलता की दर 93% बताती है, पर यह आंकड़ा पिछले 20 सालों के केवल उन 60 मामलों पर आधारित है जिनका ट्रायल पूरा हो चुका है। इन मामलों में से 56 में 124 लोगों पर दोष साबित हुआ और 4 में आरोपी बरी हुए। इसके विपरीत अगर कुल दर्ज मामलों से तुलना की जाए तो सफलता की यह वास्तविक दर केवल 0.68% रह जाती है, क्योंकि 99% मामलों में अभी अंतिम फैसला आना बाकी है। वहीं, संपत्ति कुर्क करने के मामले में भी ऐसा ही पैटर्न दिखता है। इस दौरान एजेंसी ने 2,36,016 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कीं, जिनमें से कानूनी प्रक्रिया के बाद केवल 65,872.72 करोड़ रुपए की