11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने निकले सात छात्रों ने अंग्रेजी हुकूमत की गोलियों का सामना किया और शहीद हो गए। इन सात शहीदों में औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड स्थित खरांटी गांव के जगतपति कुमार भी शामिल थे।