अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि अगर ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल का झगड़ा जारी रहता है तो तेल, गैस और खाने की चीज़ों की ऊंची क़ीमतें विकास की रफ़्तार को धीमा कर सकती हैं.