शेख़ हसीना ने कहा, "यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था. यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने बलिदान दिया था."
शेख़ हसीना का दावा- 2024 का स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं था
शेख़ हसीना ने कहा, “यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था. यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने बलिदान दिया था.”…
