पाकिस्तान में मीडिया पर प्रतिबंध कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्थानीय मीडिया संस्थानों को अक्सर विदेशी मीडिया की तुलना में अधिक दबाव का सामना करना पड़ता है.