धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन के बाद दुमका स्थित बाबा बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक करने पर ही कांवड़ यात्रा पूर्ण मानी जाती है।