दुनिया के सबसे अमीर तिरुपति मंदिर में भक्तों को मिलने वाले श्रीवारी लड्डू प्रसाद के आज 311 साल पूरे हो रहे हैं। तीन सदी बीतने के बाद भी लड्डू का स्वाद वैसा ही बना हुआ है। पहले यह लड्डू लकड़ी की आग पर बनता था। अब एआई आधारित मशीनें श्रीवारी लड्डू में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल में मिलावट की जांच कर रही हैं। 1715 को पहला लड्डू भगवान को अर्पित किया गया था 2 अगस्त 1715 को पहली बार पुराने पोटू (किचन) में मोटी बूंदी का पहला लड्डू बनाकर भगवान को नैवेद्य के रूप में अर्पित किया गया था। उस समय करीब 21 दिन की तैयारी और योजना के बाद यह लड्डू बनाया गया था। मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले तिरुमला तिर