ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' को फ़लस्तीनी प्रतिनिधित्व न होने और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका कमज़ोर करने के आरोपों के चलते आलोचना झेलनी पड़ रही है. इसराइल और फ़लस्तीनी नेताओं ने भी इसकी संरचना और अधिकारों पर गंभीर सवाल उठाए हैं.