मेवाड़ के इतिहास में अपने पुत्र का बलिदान देकर राजवंश की रक्षा करने वाली मां 'पन्नाधाय' की जाति को लेकर उदयपुर में नया विवाद खड़ा हो गया है। गुर्जर समाज ने 'पन्नाधाय' को गुर्जर जाति का बताते हुए भारत सरकार की किताब 'भारत के नारी रत्न' में दिए गए तथ्यों पर कड़ा एतराज जताया है। भारत सरकार के प्रकाशन विभाग की ओर से वर्ष 2022 में छपी (8वां संस्करण) पुस्तक 'भारत के नारी रत्न' में पन्नाधाय को 'खीची राजपूत वंश की क्षत्राणी' बताया गया है। गुर्जर समाज ने इसे ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ और वास्तविक पहचान को बदलने का प्रयास बताया है। कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, संशोधन की मांग 3
उदयपुर में पन्नाधाय की जाति को लेकर छिड़ा विवाद:गुर्जर समाज बोला- धाय मां गुर्जर थीं; भारत सरकार की किताब में ‘खीची राजपूत’ बताया गया
मेवाड़ के इतिहास में अपने पुत्र का बलिदान देकर राजवंश की रक्षा करने वाली मां ‘पन्नाधाय’ की जाति को लेकर उदयपुर में नया विवाद खड़ा हो गया है। गुर्जर समाज ने…
