दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा है कि सार्वजनिक परिसरों से बेदखली की वैधानिक प्रक्रिया पर रोक लगाने का अधिकार अदालत के पास नहीं है। जस्टिस अवनीश झिंगन की अदालत में दाखिल जवाब में केंद्र ने कहा कि क्लब की स्थायी लीज वैध रूप से समाप्त हो चुकी है और इसके बाद एस्टेट ऑफिसर की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस पूरी तरह कानूनी है। केंद्र ने अदालत को बताया कि 28 फरवरी 1928 की लीज को उसकी शर्तों के तहत 22 मई 2026 को समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद क्लब का परिसर पर कब्जा पीपी एक्ट की धारा 2(जी) के तहत अधिकृत नहीं रह गया। केंद्र ने यह भी कहा कि
दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद पर केंद्र ने कहा:कोर्ट बेदखली प्रक्रिया पर रोक नहीं लगा सकता, कार्रवाई को बताया पूरी तरह वैध
दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा है कि सार्वजनिक परिसरों से बेदखली की वैधानिक प्रक्रिया पर रोक…
