उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकला एक लड़का सिर्फ फौज की वर्दी पहनने का सपना देखता था। दौड़ उसके लिए नौकरी पाने का जरिया थी, लेकिन वही दौड़ उसे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पोडियम तक ले गई।