बंद कमरे में जबरदस्ती महिला की छाती दबाना, सलवार उतारने की कोशिश करना रेप की कोशिश नहीं है। 9 जुलाई को पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए बांका के स्टूडियो मालिक हिमांशु उर्फ मिथिया पाठक को बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले को 14 जुलाई को सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में उठाया। जिस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने हैरानी जताते हुए नाराजगी जाहिर की। चीफ जस्टिस ने कहा, 'जजों को संवेदनशील होना चाहिए और रिसर्च करनी चाहिए।' बेंच ने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी कमेटी की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट, सभी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा। चीफ जस्टिस ने कहा, 'एक हैंडबुक
महिला के जबरन ब्रेस्ट दबाना, सलवार उतारना…रेप की कोशिश नहीं:पटना हाईकोर्ट ने आरोपी को किया बरी, CJI सूर्यकांत भड़के, इस तरह के फैसले का क्या असर होगा
बंद कमरे में जबरदस्ती महिला की छाती दबाना, सलवार उतारने की कोशिश करना रेप की कोशिश नहीं है। 9 जुलाई को पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए बांका के स्टूडि…
