सुबह के दस बजे हैं… रामपथ पर स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार से रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे हैं। कोई रामधुन गा रहा है, तो कोई ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष कर रहा है। इस कतार में लगकर साफ हो जाता है कि रामलला के प्रति आस्था अटूट और अटल है, लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों द्वारा चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद यहां बहुत कुछ बदल गया है। रामपथ पर चंदन, माला की दुकान चलाने वाले एक युवक कहते हैं- श्रद्धालुओं की संख्या पहले की तुलना में 25% ही है। यहीं प्रसाद का ठेला लगाने वाले एक युवक ने बताया कि 10 दिन पहले तक रोज 4-5 हजार रु. तक बिक्री कर लेते थे। अब