भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता अब साफ हो गया है। नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपना आखिरी केस भी हार गया है। जिसके बाद उसको भारत लाने यानी प्रत्यर्पण के मामले में बची आखिरी कानूनी बाधा भी दूर हो गई है। न्यूज18 द्वारा एक्सेस किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, यूके की अदालतों में अपील के सभी रास्ते बंद होने के बाद नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का दरवाजा खटखटाया था। यूरोपीय अदालत से भी नीरव मोदी को कोई राहत नहीं मिली है, जिससे अब उसके पास अपने प्रत्यर्पण का विरोध करने के लिए कोई भी कानूनी विकल्प नहीं बचा है। कानूनी प्रक्रिया प