दरअसल इसकी शुरुआत किश्तवाड़ ज़िले में तब हुई जब ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने पुलिस की मदद से सेना के एक अधिकारी की सरकारी टोयोटा हाईलेक्स एसयूवी ज़ब्त कर ली थी.