पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ के दो भाइयों ने ऐसा फर्जी कारोबार खड़ा किया, जिसमें न कोई माल खरीदा गया, न बेचा गया, फिर भी कागजों पर हजारों करोड़ रुपए का टर्नओवर दिखा दिया गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के आधार, पैन और वोटर आईडी जुटाकर 27 फर्जी कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों के जरिए 720 करोड़ रुपए के फर्जी बिल काटे गए, सरकार से 108 करोड़ रुपए का फर्जी टैक्स लाभ लिया गया और आखिरकार 25 बैंक खातों से 3089 करोड़ रुपए नकद निकाल लिए गए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे खेल का भंडाफोड़ किसी मुखबिर ने नहीं, बल्कि अलग-अलग कंपनियों में इस्तेमाल हो रहे एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी