‘अंधा बांटे रेवड़ी, घरे घराना खाय’ कुछ इसी अंदाज में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के पैसों की बंदरबांट चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक, SIT की जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती से लेकर मंदिर के पूरे मैनेजमेंट तक चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के भतीजों और रिश्तेदारों ने जड़ें जमा रखी थीं। SIT को निर्माण और जमीन खरीद मे भी गड़बड़ी मिली है। सर्किल रेट से 17 गुना ज्यादा कीमत पर जमीनें खरीदने और निर्माण सामग्री में 40% कमीशनखोरी की बात भी सामने आई है। उम्मीद है कि SIT जल्द ही अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इससे राम मंदिर ट्रस्ट भंग करके इसे नए सिरे से बनाने के आसार
राम मंदिर में ट्रस्टियों के भतीजे-रिश्तेदार खरीद रहे थे जमीन:17 गुना ज्यादा तक दिए दाम, निर्माण सामग्री में भी 40% कमीशन लिया
‘अंधा बांटे रेवड़ी, घरे घराना खाय’ कुछ इसी अंदाज में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के पैसों की बंदरबांट चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक, SIT की जांच में सा…
