मॉब लिंचिंग यानी भीड़ द्वारा हिंसा के शिकार हुए पीड़ितों को न सिर्फ़ गहरे शारीरिक और मानसिक ज़ख़्म झेलने पड़ते हैं बल्कि ऐसी घटनाएँ उन्हें आर्थिक रूप से भी तोड़ देती हैं.
गोरक्षा के नाम पर हिंसा झेलने के बाद पीड़ितों की ज़िंदगी में क्या बदल जाता है
मॉब लिंचिंग यानी भीड़ द्वारा हिंसा के शिकार हुए पीड़ितों को न सिर्फ़ गहरे शारीरिक और मानसिक ज़ख़्म झेलने पड़ते हैं बल्कि ऐसी घटनाएँ उन्हें आर्थिक रूप से भी…
