हिमाचल हाईकोर्ट ने एक मामले में जूनियर अफसर को नौकरी से हटाने की सजा को ज्यादा कठोर बताते हुए ‘कंपल्सरी रिटायरमेंट’ में बदलने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जब सीनियर ऑफिसर ने ही जूनियर को गलत काम के लिए मजबूर किया था, तो जूनियर को नौकरी से बर्खास्त करना उचित नहीं है। यह फैसला चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस बीसी नेगी की बैंच ने जूनियर अफसर की अपील पर सुनवाई करते हुए सुनाया। यह मामला साल 2008 का आईटीबीपी से जुड़े अधिकारी और उसके सिक्योरिटी असिस्टेंट से जुड़ा हुआ है। दरअसल, याचिका में कहा गया कि सीनियर ऑफिसर ने अपने लैपटॉप में अपनी पत्नी और जूनियर अफसर की अश्लील