NEET रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम पर बैन के फैसले पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सवाल उठाए। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि कुछ परीक्षार्थियों की वजह से 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स के अधिकारों पर रोक कैसे लगाई जा सकती है। टेलीग्राम की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस तेजस कारिया की वेकेशन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, सरकार ने दलील दी कि रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि टेलीग्राम में एक अकाउंट से 40 बॉट बन सकते हैं, जबकि वाट्सएप में हर यूजर पर एक बॉट होता है। टेलीग्राम साइबर क्राइम, पेपर लीक, चाइल
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा- पूरा टेलीग्राम क्यों बैन किया:सरकार का दावा- यह अपराधियों का पसंदीदा प्लेटफॉर्म, इसलिए NEET रीएग्जाम से पहले रोक लगाई
NEET रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम पर बैन के फैसले पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सवाल उठाए। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि कुछ परीक्षार्थियों की वजह से 15 करोड़…
