अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और यह अब प्रभावी हो गया है. अब ध्यान इस समझौते के सामने खड़ी चुनौतियों की ओर शिफ्ट हो रहा है.