एम्स और सफदरजंग अस्पताल के बाहर बुधवार को सिर्फ भीड़ नहीं थी, वहां बिखरे हुए परिवार थे। कोई मोबाइल में पुरानी तस्वीरें देख रहा था, कोई रोते हुए डॉक्टरों से नाम पूछ रहा था