रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका का CBI ने विशेष अदालत में विरोध किया है। एजेंसी ने अदालत में जवाब दाखिल करते हुए कहा कि अभियोजन स्वीकृति पूरी तरह वैध है और आरोपी की अर्जी तथ्यों तथा कानून दोनों के आधार पर टिकाऊ नहीं है। मामले में अब 4 जून को बहस होगी। CBI ने अपने जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद विधिवत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की थी। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता