धार की ऐतिहासिक भोजशाला में एएसआई की नई गाइडलाइन लागू होने के बाद पूजा-अर्चना शुरू हो गई। आज (रविवार) सुबह बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु मां वाग्देवी के चित्र लेकर भोजशाला पहुंचे और विधि-विधान से पूजा की। इस दौरान गर्भगृह को रंगोली से आकर्षक रूप से सजाया गया। पूजा से पहले परिसर को गोमूत्र से शुद्ध किया गया। भोजशाला परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर की अखंड ज्योत को भी गर्भगृह में स्थापित किया गया। सूर्योदय के साथ ही मंत्रोच्चार शुरू हो गया। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने नृत्य कर खुशी जाहिर की। इससे पहले शनिवार शाम केंद्रीय राज्य मंत्री सावित