होर्मुज़ स्ट्रेट संकट का असली असर कच्चे माल के बाज़ार में महसूस किया जा रहा है. ईरान से जुड़े व्यापार मार्गों में रुकावट की वजह से इस ईरानी सामान की क़ीमतें लगभग 15% बढ़ गई हैं.