बीते 4 मई को असम में एनडीए गठबंधन की जीत के बाद गुवाहाटी स्थित बीजेपी दफ़्तर में सिर्फ़ जश्न नहीं दिखा, बल्कि हिमंत बिस्वा सरमा के बढ़ते राजनीतिक क़द को लेकर चर्चाएं भी सुनाई दीं.