‘समय बदलता है, जिंदगी कई मोड़ लेती है, लेकिन कुछ जगहें ऐसी हैं जो कभी साथ नहीं छोड़तीं। वे चुपचाप हमारी यादों, हमारी सोच और हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बनी रहती हैं। ऐसी जगह मेरे लिए बंगाल है। यह मेरी जन्मभूमि है और आज भी ऐसी जगह है जो मुझे सुकून देती है, चाहे मैं दुनिया में कहीं भी चला जाऊं। संकरी गलियां, पुराने औपनिवेशिक भवन, दोपहर की खामोशी को चीरती ट्राम की घंटियां, स्कूल के मैदानों में गूंजती दोस्तों की हंसी, ये सब मेरी पहचान का हिस्सा हैं। मेरा बचपन बंगाल की उसी लय में बीता। मैदान में क्रिकेट, चाय पर गरमागरम बहस या बस उन सड़कों पर चलना जो कहानियों से भरी लगती थीं। सेंट जेव
मेरा बंगाल, मेरी उम्मीद:इतिहास के निर्णायक मोड़ पर खड़ा… ‘आमार सोनार बांग्ला’ सिर्फ नोस्टेल्जिया नहीं, एक सुनहरे भविष्य का हकदार
‘समय बदलता है, जिंदगी कई मोड़ लेती है, लेकिन कुछ जगहें ऐसी हैं जो कभी साथ नहीं छोड़तीं। वे चुपचाप हमारी यादों, हमारी सोच और हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बनी …
