एआई के ज़रिए महिलाओं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और यौन शोषण वाले वीडियो बनाए जाने के मामले बढ़ रहे हैं. इसमें डीपफ़ेक जैसे कई एआई टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है.