चारों विधानसभा चुनावों में महिला मतदाता एक निर्याणक मतदाता समूह के रूप में फिर उभर कर आईं. लेकिन अलग अलग राज्यों और आर्थिक स्थिति के हिसाब से उनके रुझानों में अंतर भी दिखा.