दुनिया भर में क़रीब 40 करोड़ लोग एलर्जिक राइनाइटिस से पीड़ित हैं, जिसमें हवा में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्व- जैसे पराग नाक के रास्तों को प्रभावित करते हैं.