मेघालय की राजधानी शिलांग में हनीमून के दौरान पति की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम 320 दिनों बाद जेल से बाहर आ गई। बीते सात महीनों में उसने चार बार जमानत मांगी। पहली तीन अर्जी खारिज हुईं, लेकिन चौथी में कानूनी 'लूपहोल' (तकनीकी खामी) के आधार पर सशर्त जमानत मिली। भास्कर की स्टडी में सामने आया कि बचाव पक्ष ने 'प्रेम प्रसंग' की थ्योरी को 'भाई-बहन' के रिश्ते में बदलने और आखिर में प्रक्रियात्मक चूक को ढाल बनाया। सिलसिलेवार जानिए कैसे मिली जमानत… सोनम की पहली जमानत अर्जी चार्जशीट के साथ दाखिल हुई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। दूसरी अर्जी में जोर इस बात पर था कि पुलिस के पास ठ
सोनम कोर्ट में बोलीं- मुझ पर सिर्फ संदेह, सबूत नहीं:सहेली ने कहा-राज को राखी बांधती थी, वो ‘प्रेमी’ नहीं; जमानत अर्जी के अलग-अलग तर्क
मेघालय की राजधानी शिलांग में हनीमून के दौरान पति की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम 320 दिनों बाद जेल से बाहर आ गई। बीते सात महीनों में उसने चार बार जम…
