करीब 30 साल पहले, दक्षिण भारत में एक साक्षरता अभियान के तहत लगभग एक लाख महिलाओं ने साइकिल चलाना सीखा. इस कौशल ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद की और साथ ही बदल दी उनकी ज़िंदगी.