हरियाणा के रेवाड़ी का अंशु पढ़ाई के लिए रूस गया था। वहां उसे सैनिक बनाकर यूक्रेन युद्ध में उतार दिया गया। वार जोन में उसकी मौत हो गई। करीब 6 महीने बाद 17 अप्रैल को उसका शव घर पहुंचा। परिवार पर दर्द का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसा ही दर्द हरियाणा, पंजाब, राजस्थान जैसे देश के कई राज्यों के कई परिवारों का है। जवान बेटों को रूस भेजने के लिए किसी ने जमीन बेची तो किसी ने कर्ज लिया। अब वहां किसी की मौत हो गई तो कोई लापता है। डेढ़ साल में 4 राज्यों के 13 युवाओं के शव घर आ चुके हैं। देशभर के सैकड़ों युवा अभी भी लापता हैं। दैनिक भास्कर ने ऐसे युवाओं के परिवारों से बात की। पता चला कि एजेंटों ने झांसा