भारत में ‘नमी वाली गर्मी’ जलवायु परिवर्तन का सबसे खतरनाक रूप बनती जा रही है। यह तेज तापमान और ज्यादा नमी का ऐसा गठजोड़ है, जिसमें शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता। जर्नल क्लाइमेट डायनैमिक्स में छपी नई स्टडी के मुताबिक केरल में इसका सबसे ज्यादा खतरा है। भारत में अब तक हीटवेव की पहचान ज्यादातर तापमान की सीमा से होती रही है, लेकिन स्टडी कहती है कि सिर्फ तापमान से असली खतरा नहीं समझ आता। ज्यादा नमी में पसीना जल्दी नहीं सूखता, शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल होने लगता है, कोर बॉडी टेम्परेचर बढ़ता है और कुछ मामलों में कुछ देर में हीटस्ट्रोक तक हो सकता है। ऐसे में ज्यादा नमी म