पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी के बाबुओं ने नोटिस भेजे हैं कि आशा जी के जाने की ख़बर के साथ-साथ उनके गाने क्यों चलाए गए. लेकिन इन बाबुओं का पता नहीं कि उन्होंने गाना तब शुरू किया था जब भारत-पाकिस्तान बंटवारा भी नहीं हुआ था.