18 विधानसभा सीटों वाले हुगली जिले की जमीन का मिजाज इस बार बदला हुआ है। यहां के मतदाता खुलकर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है और कई मुद्दों पर उनकी सरकार से नाराजगी है। ऐसे में यहां की खामोशी ही तृणमूल के लिए बड़ी चुनौती है।