अब्दुल वहाब के परिवार के लिए यह ख़बर सिर्फ ख़ुशी नहीं बल्कि बेहद हैरत से भरी थी और उस पर यक़ीन करना भी मुश्किल था. ऐसा इसलिए क्योंकि एक जानलेवा हादसे के बाद वह अब्दुल वहाब को मरा हुआ मानकर 'उनकी लाश' को दफ़ना चुके थे. और फिर 16 दिन बाद ख़बर मिली कि अब्दुल वहाब तो ज़िंदा हैं.
मलबे से आवाज़ आई ‘मुझे निकालो’: ‘दफ़ना जा चुका शख़्स’ जो 16 दिन बाद ज़िंदा मिला
अब्दुल वहाब के परिवार के लिए यह ख़बर सिर्फ ख़ुशी नहीं बल्कि बेहद हैरत से भरी थी और उस पर यक़ीन करना भी मुश्किल था. ऐसा इसलिए क्योंकि एक जानलेवा हादसे के बाद व…
