MP के राजगढ़ का रहने वाला सोमेश जैसे ही 10 साल का हुआ, वह लड़कियों की तरह व्यवहार करता और उनके तरह कपड़े पहनना पसंद करने लगा। परिवार को भी अहसास हो गया कि वह अंदर से एक लड़की है। 24 साल के होने पर आखिरकार उसने अपना जेंडर चेंज करवाया और सर्जरी करवाकर लड़की बन गया। यह एक अकेले सोमेश का केस नहीं है। मध्यप्रदेश में ऐसे और भी केस सामने आए हैं जिनमें लड़के जेंडर चेंज करवाकर लड़की बन रहे हैं। एम्स में आए सभी मरीज 22 से 28 वर्ष के एम्स भोपाल में सामने आए मामलों ने यह साफ कर दिया है कि जेंडर आइडेंटिटी का सवाल छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंच चुका है। बीते एक साल में एम्स भोपाल में 5 जेंडर कंवर्जन सर्जरी हु