सुप्रीम कोर्ट के सामने नफ़रती भाषण से जुड़ी कई याच‍िकाएँ सुनवाई के लि‍ए थीं. कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को चार मामलों को छोड़ सभी याच‍िकाएँ खार‍िज कर दीं.