सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (जनहित याचिका) अब प्राइवेट इंटरेस्ट और पब्लिसिटी इंटरेस्ट, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। यह कमेंट नौ जजों की संविधान बेंच ने केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान किया। कोर्ट ने इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के 2006 के PIL के मकसद पर सवाल उठाया, जिसमें केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि PIL कानून की प्रोसेस का गलत इस्तेमाल है और एसोसिएशन को ऐसी PIL फाइल करने के बजाय बार और अपने युवा सदस्यों की भलाई के लिए