‘सर, इन सब चीजों से मेरा कोई वास्ता नहीं है। उन लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। डरा-धमकाकर कहते रहे कि बोल- तूने कैसे किया? मुझे कोलकाता ले जाया गया। हर समय डर लगता था कि कहीं मेरा फर्जी एनकाउंटर न कर दें, क्योंकि मुझे वहां की भाषा नहीं आती। फिर CBI आई। उसने मुझे दिलासा दिया। कहा- अगर तुम गलत नहीं हो तो तुम्हारे साथ गलत नहीं होगा।’ यह सब कहते हुए बलिया के राज सिंह की आंखें भर गईं। उन्हें बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में एसओजी ने संदिग्ध शूटर के तौर पर 11 मई को अयोध्या से उठाया था। फिर बंगाल पुलिस साथ ले गई थी। राज सिंह वहां 10 दिन पुलिस, सीआईडी और सीबीआई की कस्टड