राष्‍ट्रीय अपराध र‍िकॉर्ड ब्‍यूरो के मुताब‍िक़, 2024 में दहेज की वजह से मौतों की पाँच हज़ार 737 घटनाएँ दर्ज हुई हैं. सवाल यह है कि प्राथमिकता किसे दें शादी बचाने को या बेटी की ज़िंदगी.