सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने भारत में घटते असहमति के दायरे को लेकर चिंता ज़ाहिर की है और ज़मानत को लेकर अदालतों के रुख़ पर सवाल उठाए हैं.