सिंचाई और पेयजल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाए गए इस बांध का पानी अब क्षेत्र में सामाजिक तनाव, राजनीतिक खींचतान और संभावित टकराव का मुद्दा बन गया है.